20 अक्टूबर, 2025 – अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध में तनाव के बीच चीन का निर्माण क्षेत्र एक शक्तिशाली हथियार के रूप में उभर रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ के बावजूद चीनी फैक्ट्रियां न केवल जीवित हैं बल्कि फल-फूल रही हैं, जो देश के आर्थिक विकास को गति दे रही हैं।
निर्यात में बढ़ोतरी का रहस्य
चीन का निर्माण क्षेत्र दुनिया के लिए हमेशा से प्रेरणा रहा है, लेकिन 2025 में यह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गया है। हाल के आंकड़े बताते हैं:
- सितंबर 2025 में निर्यात: 328.6 अरब डॉलर
- व्यापार अधिशेष: 875 अरब डॉलर से अधिक
- अमेरिका को निर्यात: 27% गिरावट
- निर्यात का सकल घरेलू उत्पाद में योगदान: एक-तिहाई
यिवु शहर: वैश्विक व्यापार का केंद्र
झेजियांग प्रांत का यिवु शहर चीन के निर्माण क्षेत्र की ताकत का प्रतीक बन गया है। यहां के यिवु इंटरनेशनल ट्रेड सिटी में दुनिया भर के खरीदार खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान खरीदने आते हैं।
हाल ही में शुरू किए गए नए व्यापार केंद्र ने चीन की निर्माण क्षमता को और मजबूत किया है। यहां से अफ्रीका, यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया को निर्यात किया जा रहा है।
उद्यमियों की सफलता की कहानियां
यिवु के व्यापारी टैरिफ के बावजूद अपना व्यवसाय बनाए हुए हैं:
- गोंग हाओ: अमेरिकी ग्राहकों के जाने के बावजूद यूरोप और दक्षिण पूर्व एशिया में नए बाजार ढूंढे
- फियोना झोउ: रबर के खिलौनों का निर्यात दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण अफ्रीका को कर रही हैं
- ये चाओली: रूस और अन्य देशों को निर्यात बढ़ाया
आर्थिक चुनौतियां और अवसर
चीन की निर्यात सफलता के पीछे देश की आर्थिक चुनौतियां भी हैं:
- संपत्ति बाजार में मंदी
- खुदरा बिक्री में ठहराव
- युवा बेरोजगारी में वृद्धि
- मूल्यों में गिरावट
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात ही चीन की अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान कर रहा है। सरकारी सब्सिडी और मुद्रा के कमजोर होने से चीनी सामान वैश्विक बाजार में और प्रतिस्पर्धी हो गए हैं।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषकों का कहना है कि चीन की निर्माण क्षमता उसे व्यापार युद्ध में मजबूत स्थिति में रखती है। हालांकि, दक्षिण पूर्व एशियाई देश अब चीनी सामान के बढ़ते प्रवाह के खिलाफ बाधाएं खड़ी कर रहे हैं।
वैश्विक व्यापार के लिए इसके निहितार्थ हैं:
- अमेरिकी उपभोक्ताओं को उच्च कीमतें चुकानी होंगी
- वैश्विक खरीदारों के लिए चीनी सामान सस्ते रहेंगे
- व्यवसायों को अपने आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लानी होगी
चीन की यह रणनीति दर्शाती है कि वह टैरिफ के दबाव के बावजूद अपनी निर्माण क्षमता के बल पर वैश्विक बाजार में अपनी Position बनाए रखने में सक्षम है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या चीन की यह रणनीति टिकाऊ साबित होती है या वैश्विक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ता है।