चीन ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनियों के खिलाब जांच शुरू की

13 सितंबर, 2025 – चीन ने अमेरिकी सेमीकंडक्टर उद्योग के खिलाफ दो प्रमुख जांचें शुरू करके तकनीकी व्यापार युद्ध में नया मोड़ पैदा कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब दोनों महाशक्तियों के बीच उच्च-स्तरीय व्यापार वार्ताएं होनी हैं।

जांचों का विवरण

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स और एनालॉग डिवाइसेज जैसी कंपनियों के एनालॉग इंटीग्रेटेड सर्किट चिप्स की एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है। यह जांच लगभग एक साल तक चलेगी और इसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, अमेरिकी निर्यात प्रतिबंधों की एंटी-डिस्क्रिमिनेशन जांच भी शुरू की गई है, जिसके तीन महीने में पूरा होने की उम्मीद है।

तनाव का संदर्भ

यह कदम अमेरिका द्वारा 23 चीनी कंपनियों को entity list में शामिल करने के महज कुछ दिनों बाद आया है। अमेरिकी entity list इन कंपनियों के अमेरिकी प्रौद्योगिकी तक पहुंच को प्रतिबंधित करती है।

व्यापारिक प्रभाव

यह जांचें 500 अरब डॉलर के वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार को प्रभावित कर सकती हैं। एनालॉग चिप्स का उपयोग कारों से लेकर उपकरणों तक हर चीज में किया जाता है, और संभावित duties अमेरिकी निर्यात को बाधित कर सकती हैं।

वैश्विक प्रतिक्रिया

विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेइला ने इसे “80 वर्षों में वैश्विक व्यापार नियमों में सबसे बड़ी अव्यवस्था” बताया है। WTO के अनुसार, WTO-अनुपालन वाला व्यापार घटकर 72% रह गया है।

आगे की राह

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और चीनी उप प्रधानमंत्री हे लिफेंग के बीच मैड्रिड में होने वाली वार्ता इस तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, चीन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि वह व्यापारिक तनावों से निपटने के लिए आक्रामक रुख अपना रहा है।

निवेशकों के लिए प्रभाव

इस विकास से सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में अस्थिरता बढ़ सकती है। एनवीडिया और TSMC जैसी कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव की संभावना है।

भारत के लिए अवसर

विश्लेषकों का मानना है कि यह व्यापार तनाव भारत के लिए एक अवसर प्रदान करता है। भारत की सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमताओं को बढ़ावा मिल सकता है और China+1 रणनीति को गति मिल सकती है।

यह विकास वैश्विक technology supply chain के पुनर्गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करता है, जिसका दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।

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