
अगस्त 2025 की 27 तारीख को, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर 50% का भारी Tax (टैरिफ) लगा दिया। इसकी वजह है भारत का रूस से तेल खरीदना। इस Tax का सीधा असर हमारे छोटे-मध्यम व्यवसायों (MSMEs) और उनमें काम करने वाले करोड़ों लोगों पर पड़ेगा।
इस मुसीबत से निपटने के लिए, 28 अगस्त, 2025 की रात तक, केंद्र सरकार ने एक बड़ा और जन-हितैषी कदम उठाने का सोचा है। सरकार MSMEs में काम करने वाले कर्मचारियों को सीधे पैसे की सहायता (Direct-Income Support) देने पर विचार कर रही है! इसके साथ ही, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ₹25,000 करोड़ का एक बड़ा पैकेज भी लाया जा रहा है।
यह ब्लॉग आपको बताएगा कि यह Tax क्या है, इससे आप पर क्या असर पड़ सकता है, और सरकार आपकी मदद के लिए क्या कर रही है। चाहे आप एक छोटे Businessman हैं, एक कर्मचारी हैं, या पैसों का निवेश करते हैं, यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है।
क्या हुआ है? टैरिफ का पूरा मामला
ट्रम्प का बड़ा ऐलान
27 अगस्त, 2025 को अमेरिका ने भारतीय सामान पर Tax (टैरिफ) 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया। उनका कहना है कि भारत ने रूस से $50 बिलियन का तेल खरीदा, जो अमेरिका को पसंद नहीं आया।
MSMEs पर गहरा असर
भारत के MSME सेक्टर में 11 करोड़ से ज्यादा लोग काम करते हैं और यह हमारे GDP का 30% हिस्सा है। हमारा $86 बिलियन का सामान अमेरिका जाता था। इस नए Tax से हमारे निर्यात में 43% की गिरावट आ सकती है, जिससे लगभग 15 लाख लोगों की नौकरी जाने का खतरा है। तिरुपुर (टेक्सटाइल) और सूरत (डायमंड) जैसे शहरों के Businessmen बहुत परेशान हैं।
उदाहरण: तिरुपुर की एक कपड़े की फैक्टरी का $2 मिलियन का ऑर्डर कैंसल हो गया, जिससे 200 लोगों की नौकरी चली गई।
सरकार की जवाबी कार्रवाई: पैसे की सीधी मदद और बड़ा पैकेज
सीधे पैसे देने का प्रस्ताव
सरकार के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि वे MSME कर्मचारियों को सीधे पैसे देकर मदद करने का प्लान बना रहे हैं। अधिकारी ने कहा, “यह आइडिया अभी विचार के तहत है। हमें यह देखना है कि इसे कैसे और कितना लागू किया जाए।” हो सकता है कि आने वाले महीनों में योजना शुरू हो जाए। इसमें UPI के जरिए सीधे Bank Account में पैसे भेजे जा सकते हैं।
₹25,000 करोड़ का निर्यात बढ़ावा पैकेज
इस साल के बजट में घोषित इस पैकेज के तहत यह होगा:
- सस्ता कर्ज: Businesses को आसानी से Loan मिलेगा।
- नए बाजार: दूसरे देशों में सामान बेचने के नए रास्ते खुलेंगे।
- Tax का असर कम करना: 50% के Tax के झटके को कम किया जाएगा।
जल्द ही कैबिनेट की मीटिंग में इस पैकेज को मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
RBI का बड़ा ऐलान: Loan की लिमिट बढ़ी
रिजर्व बank of India (RBI) सितंबर 2025 के शुरू में छोटे Businesses के लिए बिना जमानत के Loan (CGS) की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर देगा। इससे Bank आसानी से Loan देंगे और Businesses को पैसे की किल्लत नहीं होगी।
चार्ट: CGS Loan लिमिट कैसे बढ़ी (2010-2025)

अर्थव्यवस्था और नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा?
निर्यात पर मार
इस Tax की वजह से भारत को $8.5 बिलियन का नुकसान हो सकता है। हीरे और ज्वैलरी का Business अब UAE और Singapore जैसे नए Markets की तरफ देख रहा है।
नौकरी का खतरा
15 लाख नौकरियाँ खतरे में हैं। इसीलिए 28 अगस्त को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने निर्यातकों के एक दल से मुलाकात की और उन्हें पूरा भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव मदद करेगी।
टेबल: किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा
| सेक्टर | निर्यात मूल्य (2024) | संभावित नुकसान | नौकरियों का खतरा |
|---|---|---|---|
| कपड़ा | $25 बिलियन | $10.5 बिलियन | 6 लाख |
| समुद्री भोजन | $15 बिलियन | $7.8 बिलियन | 4 लाख |
| ज्वैलरी | $20 बिलियन | $9.2 बिलियन | 3 लाख |
| फर्नीचर | $12 बिलियन | $5.6 बिलियन | 2 लाख |
एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
व्यापार संगठन (FIEO)
FIEO के प्रेसिडेंट एस. सी. राल्हान ने कहा कि सरकार को जल्द और सही कदम उठाने चाहिए ताकि निर्यात और नौकरियाँ बच सकें। उन्होंने वित्त मंत्री के efforts की तारीफ भी की।
आर्थिक विशेषज्ञ
उनका कहना है कि सीधे पैसे की मदद से कर्मचारियों को राहत मिलेगी, लेकिन सरकार को इस योजना को जल्द से जल्द लागू करना होगा।
आगे क्या?
अगले कुछ हफ्तों में कैबिनेट की मीटिंग होगी और RBI Loan की नई लिमिट लागू कर देगा, जिससे Businesses को तुरंत राहत मिलेगी।
आपके लिए क्या मौके हैं?
अगर आप Businessman हैं:
- आसान Loan: नए ₹20 लाख तक के बिना जमानत के Loan का फायदा उठाएं।
- नए Markets: अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे देशों में अपना सामान बेचने की कोशिश करें।
- सरकारी मदद: सीधी आय सहायता की Details का इंतजार करें।
अगर आप Investor हैं:
- शेयर मार्केट: टेक्सटाइल और ज्वैलरी के शेयर (जैसे Page Industries) की कीमतें अभी गिर सकती हैं, मौका मिलने पर खरीद सकते हैं।
- म्यूचुअल फंड: निर्यात पर Focus करने वाले Funds में SIP शुरू कर सकते हैं।
- सुरक्षित निवेश: बाजार में उथल-पुथल है, तो Government Bonds भी एक अच्छा विकल्प है।

पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- कर्मचारियों के लिए सीधी आय सहायता क्या है?
यह एक प्रस्तावित योजना है जिसमें टैरिफ की वजह से नौकरी या आय खतरे में आए लोगों के Bank Account में सीधे पैसे भेजे जा सकते हैं। अभी इसके Details तय नहीं हुए हैं। - ₹25,000 करोड़ के पैकेज से क्या फायदा होगा?
इससे Businesses को सस्ता Loan मिलेगा, नए देशों में सामान बेचने में मदद मिलेगी और Tax के झटके को सहने की ताकत मिलेगी। - सबसे ज्यादा नुकसान किस Business को होगा?
कपड़ा, समुद्री भोजन (मछली आदि), ज्वैलरी और फर्नीचर के Business पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। - यह पैकेज कब तक लागू होगा?
उम्मीद है कि अगस्त 28 के अगले कुछ हफ्तों में कैबिनेट इसे मंजूरी दे देगी। - क्या Investors के लिए यह चिंता की बात है?
शॉर्ट टर्म में शेयर बाजार नीचे जा सकता है, लेकिन लंबे समय में मजबूत Companies में निवेश का यह एक अच्छा मौका हो सकता है।
28 अगस्त, 2025 की रात तक, केंद्र सरकार की सीधी आय सहायता और ₹25,000 करोड़ के पैकेज की योजना ट्रम्प के Tax से लड़ने की एक उम्मीद भरी तैयारी है। RBI के Loan बढ़ाने और व्यापारियों के साथ बातचीत से MSMEs और कर्मचारियों को एक सुरक्षा कवच मिलेगा। Investors को short-term changes से घबराना नहीं चाहिए बल्कि अच्छे मौकों को देखना चाहिए। सरकार के अगले announcements का इंतजार करें और अपने Business और निवेश को सुरक्षित करने के लिए अभी से प्लान बनाएं!