23 सितंबर, 2025 – एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए भारत की सकल घरेलक उत्पाद (जीडीपी) विकास दर का पूर्वानुमान 6.5% पर बरकरार रखा है। कंपनी की नवीनतम एशिया-प्रशांत आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट में भारत की घरेलू मांग को मजबूत बताया गया है।
आर्थिक संकेतकों का विश्लेषण
एसएंडपी के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- वित्तीय वर्ष 2026 के लिए जीडीपी विकास दर: 6.5%
- मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान: 3.2%
- भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 25 आधार अंकों की दर में कटौती की संभावना
विकास के प्रमुख चालक
रिपोर्ट में भारत के विकास के लिए निम्नलिखित कारकों को जिम्मेदार ठहराया गया:
- अनुकूल मानसून का रुरल इकोनॉमी पर सकारात्मक प्रभाव
- हालिया आयकर छूट से शहरी मांग को बल
- सरकारी खर्च में वृद्धि, विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में
- जीएसटी सुधारों से व्यापार को सहूलियत
मौद्रिक नीति की दिशा
एसएंडपी का मानना है कि मुद्रास्फीति में नरमी के कारण भारतीय रिजर्व बैंक इस वर्ष 25 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती कर सकता है। खाद्य कीमतों में तेज गिरावट और ऊर्जा लागतों में स्थिरता से मुद्रास्फीति पर नियंत्रण बना हुआ है।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद स्थिरता
रिपोर्ट में माना गया है कि अमेरिकी आयात शुल्क और वैश्विक मंदी जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। घरेलू मांग की मजबूती बाहरी दबावों को संतुलित करने में सक्षम है।
क्षेत्रीय तुलना
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की विकास दर कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से बेहतर रहने का अनुमान है। चीन की विकास दर 4% और जापान की 1% रहने का अनुमान है।
भविष्य की संभावनाएं
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी नीतियों का लाभ अगले कुछ तिमाहियों में और स्पष्ट होगा। निवेश में तेजी और उपभोक्ता खर्च में वृद्धि से आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
यह रिपोर्ट भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच स्थिरता को दर्शाती है। नीति निर्माताओं और निवेशकों के लिए यह सकारात्मक संकेत है कि भारत की विकास कहानी मजबूत बनी हुई है।