आईपीओ क्या है और कंपनियाँ इसके लिए क्यों जाती हैं?

5.1 – परिचय

पिछले अध्याय में हमने यह समझा कि एक कंपनी किस तरह एक विचार से शुरू होकर IPO फाइल करने तक पहुँचती है। अब हम इस अध्याय में यह जानेंगे कि IPO क्या होता है, कंपनियाँ IPO क्यों लाती हैं, यह प्रक्रिया कैसे होती है और इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण शब्द और उदाहरण।

5.2 – कंपनियाँ IPO क्यों लाती हैं?

IPO (Initial Public Offering) का मुख्य उद्देश्य फंड जुटाना होता है, विशेष रूप से CAPEX (Capital Expenditure) के लिए। इसके अलावा कंपनियाँ IPO के माध्यम से:

  • कर्ज चुकाने के लिए फंड जुटाती हैं

  • प्रारंभिक निवेशकों को बाहर निकलने का अवसर देती हैं

  • कर्मचारियों को ESOPs के ज़रिए पुरस्कृत करती हैं

  • अपनी ब्रांड वैल्यू और दृश्यता बढ़ाती हैं

5.3 – मर्चेंट बैंकर की भूमिका

IPO प्रक्रिया में कंपनी सबसे पहले मर्चेंट बैंकर (Book Running Lead Manager – BRLM) नियुक्त करती है। उनकी भूमिका होती है:

  • कंपनी की कानूनी जांच (Due Diligence) करना

  • Draft Red Herring Prospectus (DRHP) तैयार करना

  • शेयरों का अंडरराइटिंग करना

  • प्राइस बैंड तय करना

  • रोडशो और मार्केटिंग रणनीति बनाना

5.4 – IPO की प्रक्रिया (क्रमबद्ध)

  1. मर्चेंट बैंकर नियुक्त करना

  2. SEBI को रजिस्ट्रेशन स्टेटमेंट जमा करना

  3. SEBI की मंज़ूरी प्राप्त करना

  4. DRHP का ड्राफ्ट तैयार करना और पब्लिक को देना

  5. मार्केटिंग और रोडशो

  6. प्राइस बैंड तय करना

  7. बुक बिल्डिंग प्रक्रिया (निवेशकों से बोली लेना)

  8. शेयर आवंटन और सूचीबद्धता (Listing Day)

5.5 – IPO के बाद क्या होता है?

IPO के बाद शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हो जाते हैं और सेकेंडरी मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होती है। यहाँ से स्टॉक की कीमतें माँग और आपूर्ति के आधार पर बदलती रहती हैं।

5.6 – महत्वपूर्ण IPO शब्दावली

  • Under Subscription: जब मांग शेयरों की संख्या से कम होती है।

  • Oversubscription: जब मांग ज़रूरत से अधिक होती है।

  • Green Shoe Option: ओवर सब्सक्रिप्शन की स्थिति में अतिरिक्त शेयर जारी करने की अनुमति।

  • Fixed Price IPO: जब शेयर की कीमत पहले से निश्चित होती है।

  • Price Band & Cut Off Price: वह दायरा जिसमें IPO की कीमत तय होती है; कट ऑफ प्राइस वह कीमत है जिस पर अधिकतम बोलियाँ आती हैं।

5.7 – हाल के कुछ IPOs (भारत में)

क्रम कंपनी का नाम IPO साइज (₹ करोड़) लीड मैनेजर लिस्टिंग तिथि प्राइस बैंड (₹)
01 अडानी विल्मर 3600 कोटक, जेपी मॉर्गन 8 फरवरी 2022 218 – 230
02 डेल्हीवरी 5235 कोटक, बोफा, सिटी 24 मई 2022 462 – 487
03 एथोस इंडिया 472 एमके, इंक्रेड 30 मई 2022 468 – 472
04 एथर इंडस्ट्रीज़ 808 HDFC, कोटक 3 जून 2022 610 – 642
05 ट्रैक्सन टेक्नोलॉजीज़ 310 IIFL सिक्योरिटीज 20 अक्टूबर 2022 75 – 80

मुख्य बिंदु:

  • IPO से कंपनियाँ पूँजी जुटाती हैं, निवेशकों को एग्ज़िट देती हैं और कर्मचारियों को रिवॉर्ड करती हैं।

  • मर्चेंट बैंकर IPO प्रक्रिया का प्रमुख भागीदार होता है।

  • SEBI का रजिस्ट्रेशन और मंज़ूरी आवश्यक है।

  • DRHP पढ़ना एक IPO निवेशक के लिए अनिवार्य है।

  • भारत में अधिकतर IPOs बुक बिल्डिंग प्रक्रिया से होते हैं।

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